नया खतरा : दुनियाभर के बच्चों में तेजी से फैल रही रहस्यमय बीमारी ने बढ़ाई चिंता, डब्ल्यूएचओ को है इसका शक


सार

ब्रिटेन में वायरल हेपेटाइटिस से पीड़ित 77 फीसदी बच्चे एडेनोवायरस से संक्रमित मिले हैं। अमेरिका में भी बच्चों में एडेनोवायरस मिला है। वहीं, डब्ल्यूएचओ ने बताया कि कम से कम 20 बच्चे कोविड और एडेनोवायरस दोनों से संक्रमित मिले हैं, जिसकी वजह से बच्चों के लिवर में सूजन जैसी गंभीर समस्या आ रही है।

ख़बर सुनें

दुनियाभर के 20 से ज्यादा देशों में एक मई तक 200 से ज्यादा बच्चे लिवर से जुड़ी रहस्यमय बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। सबसे ज्यादा मामले यूरोपीय देशों में आए हैं, जिनमें 100 से ज्यादा मामले अकेले ब्रिटेन में देखने को मिले हैं।

पीड़ित बच्चों की उम्र शून्य से 17 वर्ष तक है, सबसे ज्यादा संख्या पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की है। अमेरिका में नौ मामले अलबामा में सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का ध्यान इसकी तरफ तब गया, जब अप्रैल के आखिर में स्कॉटलैंड में 10 बच्चे एक साथ बीमार पाए गए।

बीमारी की चपेट में आने के बाद इन बच्चों के लिवर को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। यहां तक कि 20 बच्चों में लिवर ट्रांसप्लांट करना पड़ा, जबकि लिवर के नाकाम होने से एक बच्चे की मौत हो चुकी है। इस तरह से 10 फीसदी मामलो में लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ रही है। बीमारी के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा रही है।

ब्रिटेन में वायरल हेपेटाइटिस से पीड़ित 77 फीसदी बच्चे एडेनोवायरस से संक्रमित मिले हैं। अमेरिका में भी बच्चों में एडेनोवायरस मिला है। वहीं, डब्ल्यूएचओ ने बताया कि कम से कम 20 बच्चे कोविड और एडेनोवायरस दोनों से संक्रमित मिले हैं, जिसकी वजह से बच्चों के लिवर में सूजन जैसी गंभीर समस्या आ रही है।

बीमार बच्चों में दिखे ये लक्षण
यूकेएचएसए की संक्रमण मामलों की निदेशक डॉ. मीरा चंद के मुताबिक बच्चों के लिवर में सूजन देखी गई। लिवर एंजाइम जैसे, एस्पार्टेट ट्रांसएमिनेस (एएसटी) या ऐलेनिन एमिनोट्रांसेमिनेज (एएलटी) का स्तर 500 आईयू/एल से अधिक देखा गया।

इसके अलावा पेट दर्द, दस्त और उल्टी जैसे लक्षणों के साथ ही आंखों के सफेद हिस्से में पीलापन, पेशाब का रंग गहरा होना, त्वचा में खुजली, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्ज, बुखार, थकान, भूख न लगने जैसे पीलिया के लक्षण भी देखने को मिले हैं।

बच्चों को इस तरह बचाएं

  • खाते-पीते वक्त अपने और बच्चों के हाथ साबुन से साफ करें
  • बिना धुले हाथों से बच्चों के आंख, नाक और मुंह को नहीं छूने दें
  • बच्चों को बीमार लोगों के पास नहीं ले जाएं

इन देशों में मिले मामले
अमेरिका, ब्रिटेन, डेनमार्क, आयरलैंड, नीदरलैंड, नॉर्वे, फ्रांस, रोमानिया, बेल्जियम, जापान, इस्राइल, स्पेन, इटली, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, हांगकांग, स्वीडन, तुर्की, कनाडा और ग्रीस।

 

  • हेपेटाइटिस यानी लिवर में सूजन : हेपेटाइटिस लिवर की सूजन का चिकित्सकीय शब्द है। यह सूजन किसी संक्रमण या चोट की वजह से प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के तौर पर पैदा होती है। आमतौर पर हेपेटाइटिस  ए, बी, सी, डी और ई पांच तरह के वायरस से होता है।
  • एडेनोवायरस से हेपेटाइटिस दुर्लभतम मामला : आमतौर पर ऐसे बच्चो में एडेनोवायरस से हेपेटाइटिस की शिकायत होती है, जिनकी रोग प्रतिरोधी क्षमता कमजोर होती है, लेकिन अभी जो बच्चे इसका शिकार हुए हैं, उनमें से कई पूरी तरह स्वस्थ थे।

विस्तार

दुनियाभर के 20 से ज्यादा देशों में एक मई तक 200 से ज्यादा बच्चे लिवर से जुड़ी रहस्यमय बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। सबसे ज्यादा मामले यूरोपीय देशों में आए हैं, जिनमें 100 से ज्यादा मामले अकेले ब्रिटेन में देखने को मिले हैं।

पीड़ित बच्चों की उम्र शून्य से 17 वर्ष तक है, सबसे ज्यादा संख्या पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की है। अमेरिका में नौ मामले अलबामा में सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का ध्यान इसकी तरफ तब गया, जब अप्रैल के आखिर में स्कॉटलैंड में 10 बच्चे एक साथ बीमार पाए गए।

बीमारी की चपेट में आने के बाद इन बच्चों के लिवर को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। यहां तक कि 20 बच्चों में लिवर ट्रांसप्लांट करना पड़ा, जबकि लिवर के नाकाम होने से एक बच्चे की मौत हो चुकी है। इस तरह से 10 फीसदी मामलो में लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ रही है। बीमारी के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा रही है।

ब्रिटेन में वायरल हेपेटाइटिस से पीड़ित 77 फीसदी बच्चे एडेनोवायरस से संक्रमित मिले हैं। अमेरिका में भी बच्चों में एडेनोवायरस मिला है। वहीं, डब्ल्यूएचओ ने बताया कि कम से कम 20 बच्चे कोविड और एडेनोवायरस दोनों से संक्रमित मिले हैं, जिसकी वजह से बच्चों के लिवर में सूजन जैसी गंभीर समस्या आ रही है।

बीमार बच्चों में दिखे ये लक्षण

यूकेएचएसए की संक्रमण मामलों की निदेशक डॉ. मीरा चंद के मुताबिक बच्चों के लिवर में सूजन देखी गई। लिवर एंजाइम जैसे, एस्पार्टेट ट्रांसएमिनेस (एएसटी) या ऐलेनिन एमिनोट्रांसेमिनेज (एएलटी) का स्तर 500 आईयू/एल से अधिक देखा गया।

इसके अलावा पेट दर्द, दस्त और उल्टी जैसे लक्षणों के साथ ही आंखों के सफेद हिस्से में पीलापन, पेशाब का रंग गहरा होना, त्वचा में खुजली, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्ज, बुखार, थकान, भूख न लगने जैसे पीलिया के लक्षण भी देखने को मिले हैं।

बच्चों को इस तरह बचाएं

  • खाते-पीते वक्त अपने और बच्चों के हाथ साबुन से साफ करें
  • बिना धुले हाथों से बच्चों के आंख, नाक और मुंह को नहीं छूने दें
  • बच्चों को बीमार लोगों के पास नहीं ले जाएं

इन देशों में मिले मामले

अमेरिका, ब्रिटेन, डेनमार्क, आयरलैंड, नीदरलैंड, नॉर्वे, फ्रांस, रोमानिया, बेल्जियम, जापान, इस्राइल, स्पेन, इटली, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, हांगकांग, स्वीडन, तुर्की, कनाडा और ग्रीस।

 

  • हेपेटाइटिस यानी लिवर में सूजन : हेपेटाइटिस लिवर की सूजन का चिकित्सकीय शब्द है। यह सूजन किसी संक्रमण या चोट की वजह से प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के तौर पर पैदा होती है। आमतौर पर हेपेटाइटिस  ए, बी, सी, डी और ई पांच तरह के वायरस से होता है।
  • एडेनोवायरस से हेपेटाइटिस दुर्लभतम मामला : आमतौर पर ऐसे बच्चो में एडेनोवायरस से हेपेटाइटिस की शिकायत होती है, जिनकी रोग प्रतिरोधी क्षमता कमजोर होती है, लेकिन अभी जो बच्चे इसका शिकार हुए हैं, उनमें से कई पूरी तरह स्वस्थ थे।



Source link

Leave a Comment