वित्त मंत्री का एलान, प्रदेश के बजट में जनता पर नहीं लगेगा नया टैक्स, महंगाई झेल रहे लोगों को बड़ी राहत


सार

जून में वर्ष 2022-23 का बजट आएगा। वर्ष 2022-23 के आम बजट में राज्य के लोगों पर कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि जून में पेश होने वाला बजट जनता के नाम होगा।

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महंगाई झेल रहे पंजाब के लोगों को मान सरकार एक बड़ी राहत देने वाली है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एलान किया कि वर्ष 2022-23 के आम बजट में राज्य के लोगों पर कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा। पंजाब का बजट जून के पहले हफ्ते में आएगा। 

पंजाब भवन में वीरवार को बुलाई प्रेस कांफ्रेंस के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने बेहतरीन कदम उठाते हुए बजट में लोगों से सुझाव मांगे थे, जिनके आधार पर बजट तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे में सुधार, सीएलयू के लिए बनाए नियमों को सरल बनाने, शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, नौकरियां और किसानों की आमदनी बढ़ाने जैसे सुझाव लोगों ने दिए हैं।

महिलाओं ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात की है, जबकि उद्योग से जुड़े लोगों ने इंस्पेक्टरी राज खत्म करने की मांग की है। पंजाब में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और बिजली संबंधी सुधार का भी सुझाव आया है। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा पंजाब सरकार की पहलकदमी को मिला समर्थन सूबे के बजट में महत्वपूर्ण साबित होगा।

पहली बार ऐसा बजट आ रहा है, जो लोगों का और लोगों के लिए बजट है। बजट तैयार करते समय किसानों, घरेलू महिलाओं, व्यापारियों और आम लोगों की राय को ध्यान में रखा जाएगा। एक सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि प्रत्येक मामले में केंद्र सरकार से तालमेल बनाया जा रहा है।
 
10 मई तक 20 हजार से ज्यादा आए सुझाव
वित्त मंत्री ने बताया कि पोर्टल के माध्यम से 2 से 10 मई तक सरकार को 20 हजार से अधिक सुझाव मिले हैं, जबकि 500 लोगों ने ज्ञापन भी भेजे हैं। 4055 महिलाओं ने बजट पर अपने सुझाव दिए हैं, जिसमें लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और समानता के अधिकार जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। कुल परामर्श में से लुधियाना व पटियाला से दस फीसदी सुझाव आए हैं। फाजिल्का से 8 और बाकी अन्य जिलों से सुझाव से मिले हैं। 

जनता का बजट होगा
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि जून में पेश होने वाला बजट जनता के नाम होगा। लोगों के सुझाव से तैयार हो रहा बजट में सरकार दिल्ली के मॉडल को लागू कर सकती है। जिस तरह दिल्ली के बजट में  शिक्षा व स्वास्थ्य पर मुख्य फोकस किया जाता है, ठीक उसी तरह से पंजाब के बजट में भी शिक्षा व स्वास्थ्य पर मुख्य जोर रहेगा। पंजाब सरकार इसे एक महत्वपूर्ण वित्तीय नीति दस्तावेज बनाने के अवसर के रूप में देख रही है।

विस्तार

महंगाई झेल रहे पंजाब के लोगों को मान सरकार एक बड़ी राहत देने वाली है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एलान किया कि वर्ष 2022-23 के आम बजट में राज्य के लोगों पर कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा। पंजाब का बजट जून के पहले हफ्ते में आएगा। 

पंजाब भवन में वीरवार को बुलाई प्रेस कांफ्रेंस के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने बेहतरीन कदम उठाते हुए बजट में लोगों से सुझाव मांगे थे, जिनके आधार पर बजट तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे में सुधार, सीएलयू के लिए बनाए नियमों को सरल बनाने, शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, नौकरियां और किसानों की आमदनी बढ़ाने जैसे सुझाव लोगों ने दिए हैं।

महिलाओं ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात की है, जबकि उद्योग से जुड़े लोगों ने इंस्पेक्टरी राज खत्म करने की मांग की है। पंजाब में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और बिजली संबंधी सुधार का भी सुझाव आया है। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा पंजाब सरकार की पहलकदमी को मिला समर्थन सूबे के बजट में महत्वपूर्ण साबित होगा।

पहली बार ऐसा बजट आ रहा है, जो लोगों का और लोगों के लिए बजट है। बजट तैयार करते समय किसानों, घरेलू महिलाओं, व्यापारियों और आम लोगों की राय को ध्यान में रखा जाएगा। एक सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि प्रत्येक मामले में केंद्र सरकार से तालमेल बनाया जा रहा है।

 

10 मई तक 20 हजार से ज्यादा आए सुझाव

वित्त मंत्री ने बताया कि पोर्टल के माध्यम से 2 से 10 मई तक सरकार को 20 हजार से अधिक सुझाव मिले हैं, जबकि 500 लोगों ने ज्ञापन भी भेजे हैं। 4055 महिलाओं ने बजट पर अपने सुझाव दिए हैं, जिसमें लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और समानता के अधिकार जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। कुल परामर्श में से लुधियाना व पटियाला से दस फीसदी सुझाव आए हैं। फाजिल्का से 8 और बाकी अन्य जिलों से सुझाव से मिले हैं। 

जनता का बजट होगा

वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि जून में पेश होने वाला बजट जनता के नाम होगा। लोगों के सुझाव से तैयार हो रहा बजट में सरकार दिल्ली के मॉडल को लागू कर सकती है। जिस तरह दिल्ली के बजट में  शिक्षा व स्वास्थ्य पर मुख्य फोकस किया जाता है, ठीक उसी तरह से पंजाब के बजट में भी शिक्षा व स्वास्थ्य पर मुख्य जोर रहेगा। पंजाब सरकार इसे एक महत्वपूर्ण वित्तीय नीति दस्तावेज बनाने के अवसर के रूप में देख रही है।



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