Virat Kohli In Ipl: कोहली के प्रदर्शन में गिरावट, छह साल में एक बार ही सीजन में 500 रन का आंकड़ा छू सके विराट


सार

हर खेल में हर महान खिलाड़ी के करियर में एक ऐसा समय आता है जब वह आउट ऑफ फॉर्म हो जाता है। क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर और रिकी पोंटिंग, फुटबॉल में क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनल मेसी को इसका सामना करना पड़ा है। कोहली भी इससे बच नहीं सके।

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विराट कोहली मौजूदा समय के बेहतरीन बल्लेबाजों में एक हैं। लगातार मैचों में रन बनाने की आदत के कारण उन्हें रन मशीन कहा गया। रन चेज करने में कोहली के बराबर कोई नहीं, लेकिन ऐसा लग रहा है कि पिछले कुछ समय से इस मशीन में जंग लग गया है। कोहली आईपीएल के मौजूदा सीजन में नौ मैचों के बाद भी एक अर्धशतक नहीं लगा सके हैं। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मंगलवार (26 अप्रैल) को तो उन्होंने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव भी किया, लेकिन अपनी किस्मत को नहीं बदल सके। प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर नौ रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

हर खेल में हर महान खिलाड़ी के करियर में एक ऐसा समय आता है जब वह आउट ऑफ फॉर्म हो जाता है। क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर और रिकी पोंटिंग, फुटबॉल में क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनल मेसी, टेनिस में रोजर फेडरर और राफेल नडाल से लेकर बैडमिंटन में साइना नेहवाल और पीवी सिंधू तक को इसका सामना करना पड़ा है। कोहली भी इससे बच नहीं सके।

विराट के बल्ले से पेशेवर क्रिकेट में पिछला शतक 23 नवंबर 2019 को निकला था। तब उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर डे-नाइट टेस्ट में शतक लगाया था। उसके बाद 100 से ज्यादा मैच हो चुके हैं, लेकिन विराट को बल्ला उठाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार करने का मौका नहीं मिला है। विराट ने आईपीएल 2016 में 973 रन बनाए थे। उसके बाद से आईपीएल के किसी एक सीजन में सिर्फ एक बार ही 500 से ज्यादा रन बना सके हैं।

विराट कोहली का 2016 से आईपीएल में प्रदर्शन पर एक नजर:
2016: विराट एक आईपीएल सीजन में 4 शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने। एक रिकॉर्ड जो अभी भी कायम है। सीजन में उनका उच्चतम स्कोर 113 रन था। उन्होंने 16 मैचों में 81.08 की औसत और 152.03 की स्ट्राइक रेट से 973 रन बनाए थे। विराट चार बार नॉट आउट रहे थे। सीजन में कोहली ने 38 छक्के मारे थे। उनकी टीम आरसीबी फाइनल में पहुंची थी, लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।

2017: कंधे की चोट के कारण सीजन के पहले चार मैचों में कोहली नहीं खेल पाए थे। रांची में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में उन्हें चोट लगी थी। विराट ने 10 मैच खेले थे। पिछले सीजन की तुलना में उनके फॉर्म में इस बार गिरावट दर्ज की गई थी। विराट ने 30.80 की औसत से 308 रन बनाए थे। उनका स्ट्राइक रेट 122.22 का रहा था। कोहली के बल्ले से सिर्फ चार अर्धशतक निकले थे। उनकी टीम प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाई थी।
2018: इस बार कोहली के लिए आईपीएल पिछले सीजन की तुलना में बेहतर गया था। उन्होंने 14 मैचों में 48.18 की औसत से 530 रन बनाए थे। विराट तीन बार नॉटआउट रहे थे। उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 92 रहा था। कोहली ने एक बार फिर से सीजन में चार अर्धशतक लगाए। उनके बेहतर प्रदर्शन के बावजूद टीम फाइनल में नहीं पहुंची थी। 

2019: कोहली के बल्ले से तीन साल बाद शतक निकला था। 2016 के बाद यह दूसरा सीजन था जब कोहली ने शतक लगाया था। उनका उच्चतम स्कोर 100 रन था। 14 मैचों में विराट ने 33.14 की औसत से 464 रन बनाए थे। उनके बल्ले से दो अर्धशतक निकले थे। कोहली के ठीक-ठाक खेलने के बावजूद उनकी टीम प्लेऑफ में नहीं पहुंची थी।
2020: इस सीजन में कोहली ने 2018 की तरह ही प्रदर्शन किया। 15 मैच में 466 रन बनाए। उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 90 रन और औसत 42.36 का रहा। विराट ने सीजन में तीन अर्धशतक लगाए। चार बार नॉट आउट रहे। आरसीबी की टीम इस बार प्लेऑफ में पहुंचने में सफल रही, लेकिन एलिमिनेटर मैच में उसे छह विकेट से हार का सामना करना पड़ा।

2021: विराट ने इस सीजन में 15 मैचों में 405 रन बनाए। उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 72 रन रहा। कोहली के औसत में गिरावट हुई। उनका औसत इस सीजन में 28.92 का ही रहा। उनके बल्ले से तीन अर्धशतक निकले। लगातार दूसरी बार आरसीबी की टीम प्लेऑफ में पहुंची, लेकिन एलिमिनेटर में बाहर हो गई। उसे कोलकाता नाइटराइडर्स ने हराया।
2022: मौजूदा सीजन में विराट का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। नौ मैचों में कोहली ने 16 की औसत से 128 रन बनाए हैं। उनका उच्चतम स्कोर 48 रन है। विराट का स्ट्राइक रेट भी 120 से नीचे का है। उन्होंने 119.62 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। आरसीबी को अभी पांच मैच खेलने हैं। टीम को बाकी बचे मैचों में विराट से बड़ी पारी की उम्मीद है। खुद कोहली भी इस खराब दौर को समाप्त करना चाहेंगे।

विस्तार

विराट कोहली मौजूदा समय के बेहतरीन बल्लेबाजों में एक हैं। लगातार मैचों में रन बनाने की आदत के कारण उन्हें रन मशीन कहा गया। रन चेज करने में कोहली के बराबर कोई नहीं, लेकिन ऐसा लग रहा है कि पिछले कुछ समय से इस मशीन में जंग लग गया है। कोहली आईपीएल के मौजूदा सीजन में नौ मैचों के बाद भी एक अर्धशतक नहीं लगा सके हैं। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मंगलवार (26 अप्रैल) को तो उन्होंने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव भी किया, लेकिन अपनी किस्मत को नहीं बदल सके। प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर नौ रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

हर खेल में हर महान खिलाड़ी के करियर में एक ऐसा समय आता है जब वह आउट ऑफ फॉर्म हो जाता है। क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर और रिकी पोंटिंग, फुटबॉल में क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनल मेसी, टेनिस में रोजर फेडरर और राफेल नडाल से लेकर बैडमिंटन में साइना नेहवाल और पीवी सिंधू तक को इसका सामना करना पड़ा है। कोहली भी इससे बच नहीं सके।

विराट के बल्ले से पेशेवर क्रिकेट में पिछला शतक 23 नवंबर 2019 को निकला था। तब उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर डे-नाइट टेस्ट में शतक लगाया था। उसके बाद 100 से ज्यादा मैच हो चुके हैं, लेकिन विराट को बल्ला उठाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार करने का मौका नहीं मिला है। विराट ने आईपीएल 2016 में 973 रन बनाए थे। उसके बाद से आईपीएल के किसी एक सीजन में सिर्फ एक बार ही 500 से ज्यादा रन बना सके हैं।

विराट कोहली का 2016 से आईपीएल में प्रदर्शन पर एक नजर:



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